
" ओओ,,हाँ हम तो भूल ही गये थे लेकिन हम अभी एक अपने गुड्डे से क्यों नही मिले है,,हमें उनसे मिलना है,,अधिक्षा ने कुछ सोचते हुए कहा।।।।
" ठीक है चलिए,,ममता ने अंदर आते हुए कहा उनके साथ तेजश्विनी भी थी जब उसने अधिक्षा को देख वो देखती ही रही कुछ देर बाद वो शादी के मंडप मे अखंड के साथ बैठी थी,,,धीरे धीरे दोनो को शादी की सारी रस्म हो रही थी,,कन्या दान सूरज प्रताप और ममता ने किया।।।।
" आज से आप दोनो पति पत्नी,,उठकर सभी बड़ो का आशीर्वाद लीजिए,,,पंडित जी ने बोला।।।।
दोनो ने मिलकर शादी के बाद की सभी रश्मे की,,,जिससे थक के अधिक्षा जल्दी ही सो गयी,,मेहमानो के जाने के बाद अखंड भी अपने कमरे मे चला गया,,सब लोग भी सोने चले गये।।।।
अगले दिन अखंड किसी को नही दुबारा नही मिला एक महीना 1 साल 2 साल 5 साल साल बदलते गये लेकिन उसका किसी को पता नही चला,,,सबको लगा जब वो खुद चाहेगा वो खुद लौट आएगा।।।
इधर अधीक्षा भी बड़ी होने लगी थी,अखंड के नाम का सिंदूर और मंगलसूत्र ही अब उसकी यादो के लिए बचा था क्यों तेज प्रताप ने गुस्से मे उसकी सारी तस्वीरें महल से हटवा दी थी,,वो अधिक्षा को अपनी बेटी बना कर पाल रहे थे उन्होंने सोच लिया था जिस दिन अखंड आएगा वो दोनो का रिश्ता तोड़ कर अधीक्षा की दूसरी शादी करवा देंगे,,उस का एडमिशन तेजश्विनी और बाकी बच्चो के स्कूल मे करवा दिया गया।।।।
15 साल बाद
इंदौर
सिसोदिया मेंशन
मनमोहना….मनमोहना…कान्हा सुनो ना…तुम बिन पाऊं कैसे चैन…तरसूं तुम्ही को दिन रेन..
छोड़ के अपने काशी- मथुरा
आके बसो मोरे नैन
यौम बिन पाऊं कैसे चैन…कान्हा….
तरसूं तुम्ही को दिन- रैन
एक लड़की हाँथो मे वीणा लिए अपनी आंखे बंद किए मंदिर के सामने बैठी बेहद सुरीली आवाज़ मे गा रही थी,,हवा के कारण उसके सिर पे लिया दुप्पटा उसके चेहरे पर आ गया जिससे उसका आधा चेहरा नही दिख था।।।

इक पल उजियारा आये,
इक पल अँधियारा छाये,
मन क्यूं ना घबराये,
कैसे ना घबराये..
मन जो कोई गाना हाँ अपनी राहों में पाए
कौन दिशा जाए
तूम बिन कौन समझाए
रास रचइया वृन्दावन के गोकुल के वाशी
राधा तुम्हरी दासी
दरसन को है प्यासी
श्याम सलोने नंदलाला कृष्णा बनवारी
तुम्हरी छवि है न्यारी
मैं तो तन- मन हारी
मनमोहना….मनमोहना…
कान्हा सुनो ना…
तुम बिन पाऊं कैसे चैन…
तरसूं तुम्ही को दिन रेन..
जीवन इक नदियां है
लहरो- लहरो बहती जाए
इसमें मन की नइया डूबे,कभी तर जाए
तुम ना खेवइया हो तो कोई तट कैसे पाए
मझदार बहलाये,तो तुम्हरी शरण आये
हम तुम्हरी शरण आये
मैं हूँ तुम्हारी,
है तुम्हारा ये मेरा जीवन
तुमको देखूं मैं ,देखूं कोई दर्पण
बंशी बन जाउंगी,इन होठों की हो जाउंगी
इन सपनो से जल- थल
है मेरा मन आँगन
जैसे ही उसने गाना खत्म किया उसके गालो पर एक आंसू की बुंद लुटक गयी,,जिसे उसमे जल्दी से पोछ लिया,,और अपनी आंखे खोल कर सामने भगवान कृष्ण की मूर्ति को देखा।।।

हेज़ल ग्रीन आईज काजल से सनी बड़ी बड़ी ऑंखे, माथे के बीच मे एक छोटी सी काली बिन्दी उसकी आँखों मे इस वक्त पानी भरा हुआ था,,और भी कुछ था जो वो सिर्फ कृष्णा ही जान सकते थे।।।।
" आराध्या,,बेटा अगर आपकी पूजा हो गयी है तो क्या अब हमें आपके हाँथो की एक चाय मिल सकती है,,,गजेन्द्र सिंह सिसोदिया ( आराध्या के बाबा सा सिसोदिया इंडस्टरीज के md) ,वो वैसे ही बैठी हुई एकटक कृष्णा की मूर्ति देख रही थी।।।

"आरु... बाबा सा ने कुछ कहा है!" सीढ़ियों से उतर रहे 28 साल के नौजवान ने सख्ती से कहा।।।
आराध्या ने अपनी पलकें झपकाईं और अपनी 'हेजेल ग्रीन' आँखों में ठहरे हुए समंदर को सूखने दिया। उसने धीमी मुस्कान के साथ रक्षित की ओर देखा। " जी भाई सा हमने सुना बाबा सा ने हमें चाय के लिए बोला है बस हम जा ही रहे थे,,इतना बोल उसने हाँथ जोड़कर सिर चुका लिया और वीणा को रख किचन की ओर बढ़ गयी।।।
रक्षित सिसोदिया ( सिसोदिया इंडस्टरीज का सीईओ ) इतनी कम उम्र मे ही वो इंदौर का टॉप 1 बिजनेसमैन और इंडिया का 10 टॉप बिजनेसमैन मे आता है,,पर्सनालिटी किसी हीरो से कम नही है एक बार जो देख ले अपनी पलकें झपकाना भूल जाता है लड़कियाँ इनके पीछे दीवानी है,,लेकिन इन्हे कोई, पसन्द नही आया।।।

रक्षित उसे जाते हुए गौर से देखने लगा। भले ही वह उसकी बहन थी, लेकिन पिछले कुछ सालों में उसने आराध्या को सिर्फ एक 'जिंदा मूर्ति' की तरह देखा था। वह हँसती थी, बातें करती थी, लेकिन उसकी आँखों में एक ऐसी खामोशी थी जिसे पूरा सिसोदिया परिवार आज तक नहीं पढ़ पाया था।।।।
" रक्षित कितनी बार कहा है उनसे इस तरह बात मत किया करिए,,आप प्यार से बोल सकते थे और वो कौन सा इस घर की नौकरानी है जो वो काम करे,,हमें उनके हाँथ की चाय पसंद है इसलिए बोलते है इसी बाहने उनका मन भी लगा रहता है,,,बाबा सा ने कहा।।।।
" हमने उन्हे कुछ नही कहा है बाबा सा,,और हम भी चाहते है कि वो अपनी तकलीफो से बाहर आ जाए,,लेकिन जब वो खुद नही चाहती है इसलिए हमें उनसे इस तरह बात करनी पड़ती है क्या हम नही जानते वो रोज सुबह ये गाना क्यों गाती है,,,रक्षित ने सोफे पर बैठते हुए कहा।।।।
" जिस तकलीफ मे वो है उसका अंदाजा भी है आपको,,उनके,,बोलते हुए वो चुप हो गए।।।।
" इंसान के चले जाने से दुनिया नही खत्म हो जाहै,,,4 साल हो गये उन्हे इस तरह नही देख सकते है हम,,रक्षित ने निराशा से कहा।।।
" हम भी आपको इस तरह नही देख सकते है बेटा,,तो आप क्यों आगे नही बढ़ रहे है आज भी एक धोखे बाज़ लड़की के लिए खुद को तकलीफ दे रहे है,,,बाबा सा ने उनकी आँखों मे देखते हुए कहा,,तो रक्षित चुप हो गया दोनो कुछ देर इसी तरह खामोश ही रहे।।।।
" बाबा सा,,आपकी चाय,,आराध्या ने उनके सामने चाय करते हुए कहा,,तो उन्होंने मुस्कुरा कर ले ली,,फिर उसने रक्षित को उनकी कॉफ़ी पकड़ा दी।।।।
" हमें आप दोनो से कुछ बात करनी है,,,आराध्या ने गजेन्द्र जी के पास बैठते हुए कहा,,उनके कंधे पर सिर रख दिया।।।
" बोलिए लाडो,,,गजेंद्र जी ने कहा।।।।
" हमें आपसे दो परमिशन लेनी थी,,,आराध्या ने धीरे से कहा सर उपर कर उन दोनो को देखने लगी।।।
" हम ऑफिस जॉइन करना चाहते है,,,दोनो कुछ बोलते वो फिर बोली,,लेकिन लेकिन हम एक महीने के टूर पर जाना है इशानी के साथ,,,बोल वो चुप हो गयी,,और दोनो को बारी बारी देखने लगी,,रक्षित और गजेंद्र जी ने पहले उसे देखा फिर एक दूसरे को और मुस्कुरा उठे।।।।
" इसमे पूछने की क्या बात है बोलिए कब जाना है आपको अभी जैट आ जाएगी,,1 महीने के लिए ही क्यों आप कितने भी महीने के लिए जा सकती है,,,बाबा सा ने कहा वो आज बहुत खुश थे,,हो भी क्यों ना आज 4 साल बाद आराध्या ने उनसे कुछ मांगा था।।।।
" बाबा सा पहले हमारी पुरी बात तो सुन लीजिए,,आराध्या ने एक बार फिर कहा।।।
" आप बोलिए लाडो,,हम सुन रहे है,,रक्षित ने अपने असिस्टेंट को कॉल करते हुए कहा।।।।
" हम एकदम सिम्पल नॉर्मल तरह से एक महीना बिताना है न कोई सिक्योरिटी,,न और कोई दिखावा,,प्लीज,,इसके बाद आप जो बोलेंगे हम करने को तैयार है,,,उसकी बात सुन दोनो ने एक बार फिर एक दूसरे को देखा आराध्या उन्हे बैचैनी से देख रही थी।।।
" ठीक है हमें मंज़ूर है,,,कुछ देर सोचने के बाद रक्षित ने कहा।।।।
" थैंक यू भाईसा,,,थैंक यू सो मच,,हम अभी इशानी को जाकर बताते है,,इतना बोल जल्दी से सीढ़ियों की ओर बढ़ गयी,," आप दोनो का नास्ता भी तैयार है कर लीजिए वरना ,,,जाते हुए रुक कर कहा और चली गयी।।।।
" ये शांत रहती है तभी सही है वरना पता नही कब कितने रूप दिखा दे,,रक्षित ने कहा तो गजेंद्र जी उसे घूर कर देखा।।।
" जितना आप मुझे देखते है उतना कभी मम्मा को देखा करे,,कल ही आने वाली है वो,,बोल वो वहाँ से डिनिंग टेबल की ओर बढ़ गया।।।।
उसकी बात सुन गजेंद्र जी मुस्कुरा कर उसके पीछे आ गये।।।।
" हम सच बोल रहे है इशानी भाईसा और बाबा सा मन गये है,,,आराध्या अपने कमरे मे बेड पर उल्टी लेटी हुई फोन पर बात करती हुई बोली।।।।
" हाँ कल माँ सा आ जाए फिर,,,ठीक है कल मिलते है,,आराध्या ने कहा और फोन रख सीधी लेट कर अपनी आंखें बंद कर ली,बंद करते हि उसके आँखों के सामने कुछ दृश्य आ गये,,उसने झट से अपनी आंखे बोल ली।।।।
" हम जानते है आप हमारे कभी नही हो सकते फिर क्यों हम आपको नही भूल पा रहे है,,4 साल 4 साल हो गये हमें आपसे दूर हुए फिर क्यों आप आज भी हमारी यादो मे आकर हमें परेशान करते है,,,लेकिन अब हम अपने परिवार को और तकलीफ मे नही देख सकते,,,बोल वो उठ कर अपनी किताबे लेकर बैठ गयी।।।।
अगले दिन
आज आराध्या ने पूजा कर सबके लिए नास्ता बनाया और निकल गयी आश्रम ये उसकी माँ शालिनी सिसोदिया चलती है इस वक्त वो अपने मायके गयी थी इसलिए इसकी सारी जिम्मेदारी वो उसे दे गयी थी,,कल वो नही आ पाइ थी,,,आश्रम मे बच्चो से बूढ़े रहते थे,,,आश्रम मे ही उसकी बेस्ट फ्रैंड इशानी ( एक अनाथ लड़की ) मिली थी,,,आश्रम पहुंची तो उसे पता चला इशानी अभी अपने डांस क्लास गयी है,,वो थोड़ी उदास हो गयी फिर 3 4 घंटे आश्रम के काम किए और जब उसे लगा इशानी नही आने वाली वो उसके डांस क्लास निकल गयी।।।
" यहाँ आप आराम कर रही है हम सुबह से आश्रम मे आपका इंतज़ार कर रहे है,,,आराध्या ने सामने कुर्सी पर बैठी इशानी को घूरते हुए कहा।।।।
" क्या करे आप तो प्रिंसेस है लेकिन मुझे तो काम करना पड़ता है अपने लिए,,,उसकी आवाज़ सुन वो मुस्कुराती हुई बोली और पीछे मुड़ कर उसे देखा।।।

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तो मेरे प्यारे-प्यारे रीडर्स! कैसा लगा इस कहानी का पहला और धमाकेदार पार्ट? 🎉
इस कहानी में आपको मिलेगा फुल ऑन रोमांस, जुनून और सस्पेंस! नायक और नायिका की बेहिसाब मोहब्बत, जो दिलों को छू जाएगी। 💖
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"अगले भागों में आपको मिलने वाला है और भी ज्यादा रोमांच, इमोशंस और नायक-नायिका को पहली मुलाकात जो आपका दिल छू जाएंगे! तो बने रहिए मेरे साथ!"
कैसा लगा आज का पार्ट कमैंट्स मे बताना जरूर है आगे कहानी मे क्या होने वाला है,,जाने के लिए जरूर पढ़े,,, " His forgotten bride 💞💞💞
,,so please guys do , comments , 📋📋📋 ratting 🌟🌟🌟 , share please thank you 🙏🙏🙏


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